Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में जमीन पर पालथी मारकर बैठना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
समानà¥à¤¯à¤¤: इस तरह बैठना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है। जब तक आपको पालथी मारकर बैठने में आराम मिलता हो, आप à¤à¤¸à¥‡ बैठसकती हैं।
पालथी मारकर बैठना हमारी बचपन की आदत होती है और कई पारंपरिक घरों में आज à¤à¥€ खाना पालथी मारकर बैठकर ही खाया जाता है। बहà¥à¤¤ सी महिलाà¤à¤‚ घर के कà¥à¤› विशिषà¥à¤Ÿ काम पालथी मारकर बैठकर ही करना पसंद करती हैं। या फिर जब वे आराम करना चाहती हैं तो इस तरह बैठती हैं।
अधिकांश धारà¥à¤®à¤¿à¤• कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ में पालथी मारकर ही बैठा जाता है। कà¥à¤› योगासनों और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ (मेडिटेशन) के दौरान à¤à¥€ पालथी मारकर बैठते हैं।
पालथी मारकर बैठने के साथ कई मिथक जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हà¥à¤ हैं और गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को विशेषतौर पर इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में बैठने के लिठअकà¥à¤¸à¤° मना किया जाता है। इसके निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित कारण माने जाते हैं:
इससे अजनà¥à¤®à¥‡ शिशॠका सिर समतल हो जाता है
गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² उलठसकती है
पेट में पल रहे शिशॠको असहजता होती है
इन मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं को सिदà¥à¤§ करने के लिठकोई पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ मौजूद नहीं हैं।
वहीं दूसरी तरफ कà¥à¤› गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को विशेषकर पालथी मारकर बैठने की सलाह दी जा सकती है। यह à¤à¤• अनà¥à¤¯ मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पर आधारित है कि यह अवसà¥à¤¥à¤¾ शिशॠको पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठउचित अवसà¥à¤¥à¤¾ में लाने में मदद करती है। जिस à¤à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ में बैठने से शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ खà¥à¤²à¤¤à¥€ है, वो अवसà¥à¤¥à¤¾ शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ को पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठतैयार करने में मदद कर सकती है। मगर इसे लेकर कोई अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ उपलबà¥à¤§ नहीं हैं।
बदà¥à¤§à¤¾à¤•ोनासन, जिसमें पैर के तलवे à¤à¤• दूसरे को छूते हैं और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ अलग होते हैं, वह à¤à¥€ पालथी मारकर बैठने की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ जैसा ही है, और फिजियोथैरेपिसà¥à¤Ÿ à¤à¤¸à¤¾ करने की सलाह देते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि:
यह पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठतैयार शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ को खोलने और कूलà¥à¤¹à¥‡ के जोड़ों को ढीला करने में मदद करता है।
आपकी मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करता है और निचली पीठपर दबाव कम करता है।
हालांकि, उन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को पालथी मारकर बैठने की सलाह नहीं दी जाती, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित परेशानी हो:
शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ करधनी दरà¥à¤¦ (पीजीपी)
शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में दरà¥à¤¦ (à¤à¤¸à¤ªà¥€à¤¡à¥€)
à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ असमतल अवसà¥à¤¥à¤¾ में होती है, जिससे टांगों पर असमान वजन पड़ता है। इसकी वजह से असहजता और दबाव पड़ सकता है।
यह à¤à¥€ संà¤à¤µ है कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लंबे समय तक पालथी मारकर बैठने से आपकी टांगों और टखनों पर दबाव पड़े। इससे रकà¥à¤¤ संचरण में बाधा हो सकती है, जिससे सूजन (इडिमा) या वेरीकोज वेनà¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि न केवल पालथी मारकर मगर किसी à¤à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ में लंबे समय तक बैठे रहने से पीठपर दबाव पड़ सकता है। शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ को थोड़ा à¤à¥à¤•ाने से आपको लगातार बैठने या खड़े होने से पीठपर पड़ने वाले दबाव से राहत मिल सकती है।
जब आप बैठी हों तो धीरे-धीरे अपनी शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ को आगे-पीछे करें। पहले अपनी पीठको थोड़ा आगे की तरफ à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚ और फिर अंगड़ाई लेने की अवसà¥à¤¥à¤¾ में छाती को थोड़ा बाहर निकाले और पीठपर थोड़ा खिंचाव बनाà¤à¤‚।
इस सबके बावजूद यह जरà¥à¤°à¥€ है कि आप अपने शरीर के संकेतों को पहचाने और पीठदरà¥à¤¦, असहजता, à¤à¤¨à¤à¤¨à¤¾à¤¹à¤Ÿ या सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ महसूस होने पर अपनी अवसà¥à¤¥à¤¾ बदल लें। आप अपनी असहजता व पीड़ा के बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें।
आप शायद पाà¤à¤‚गी कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बढ़ने के साथ-साथ पेट बड़ा होने पर आप इतनी चà¥à¤¸à¥à¤¤ नहीं रह पाती। आपको शायद फरà¥à¤¶ पर बैठने और उठने में असहजता और परेशानी होगी। यदि à¤à¤¸à¤¾ हो, तो किसी आरामदेह कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ या कम ऊंचाई वाले सà¥à¤Ÿà¥‚ल पर बैठें।
शिशॠके जनà¥à¤® के बाद आप फिर से पालथी मारकर बैठना शà¥à¤°à¥ कर सकती हैं। वासà¥à¤¤à¤µ में बहà¥à¤¤ सी महिलाà¤à¤‚ शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के लिठयही अवसà¥à¤¥à¤¾ चà¥à¤¨à¤¤à¥€ हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |